ओम बिड़ला: ‘सदन के सितारे’ से सबसे बड़े सदन तक, जानें पूरा सफर

ओम बिड़ला: ‘सदन के सितारे’ से सबसे बड़े सदन तक, जानें पूरा सफर


ओम बिड़ला कोटा दक्षिण सीट से 3 बार विधायक निर्वाचित हुए। 2003 में जब वसुंधरा राजे की अगुआई में राज्य में बीजेपी की सरकार बनी तो उन्हें संसदीय सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद 2008 और 2013 में फिर विधायक निर्वाचित हुए।

हाइलाइट्स

  • ओम बिड़ला लगातार दूसरी बार कोटा-बूंदी लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुए हैं
  • राजस्थान में 13वीं विधानसभा के कार्यकाल के दौरान बिड़ला ने 500 सवाल पूछे थे
  • तीन बार कोटा दक्षिण सीट से विधायक रहे, आईआईटी के लिए चलाया आंदोलन
  • राजस्थान में भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहे, समाज सेवा में भी कफी रुचि

कोटा
सत्रहवीं लोकसभा में नैशनल डेमोक्रैटिक अलायंस (एनडीए) ने लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए अपना कैंडिडेट तय कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक राजस्थान के कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी सांसद ओम बिड़ला लोकसभा स्पीकर पद के उम्मीदवार होंगे। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि इस पद के लिए बिड़ला की ओर से उनकी दावेदारी का नोटिस मिल गया है। राजस्थान में 13वीं विधानसभा के कार्यकाल के दौरान उन्होंने 500 सवाल पूछे थे। विधानसभा में बहस के दौरान सक्रिय रूप से हिस्सा लेने के लिए बिड़ला को सम्मान मिला और उनका नाम ‘सदन के सितारे’ में 6 बार शामिल किया गया। एक नजर ओम बिड़ला के अब तक के सफर पर:

3 बार विधायक, दूसरी बार सांसद
राजनेता होने के साथ-साथ ओम बिड़ला एक व्यवसाई भी हैं। केंद्र की राजनीति में आने से पहले बिड़ला राजस्थान की सियासत में सक्रिय रहे हैं। वह कोटा दक्षिण सीट से 3 बार विधायक निर्वाचित हुए। 2003 में जब वसुंधरा राजे की अगुआई में राज्य में बीजेपी की सरकार बनी तो उन्हें संसदीय सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद 2008 में वह एक बार फिर विधायक निर्वाचित हुए। 2013 में लगातार तीसरी बार ओम बिड़ला विधानसभा की चौखट पार करने में कामयाब रहे। इसके बाद अगले साल आम चुनाव में उन्हें बीजेपी ने कोटा-बूंदी संसदीय सीट से अपना उम्मीदवार बनाया और वह पहली बार सांसद बने।

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